computer virus in hindi ? 20 types of computer viruses

Computer virus




computer viruses


कंप्यूटर वायरस एक प्रकार   का इलेक्ट्रॉनिक कोड है जिसका उपयोग computer में समाहित सूचनाओं के समाप्त करने के लिए होता है।  इसे कंप्यूटर प्रोगाम में , किसी टेलीफोन लाइन से  बुरी तरीके से प्रभावित  कर सकते है।  यह एक तरीके का प्रोग्राम ही है जिसे hackers creat करते है जो एक code के रूप में होता है   इस कोड से गलत सूचनाएं  मिल सकती है।  एकत्रित जानकारी नष्ट हो सकती है।  तथा यदि कोई के कंप्यूटर  किसी नेटवर्क से जुड़ा है  तो electronic  रूप से जुड़े होने होने के कारन यह वायरस सम्पूर्ण नेटवर्क को प्रभावित कर सकता है।  फ्लॉपीयो के आदान - प्रदान से भी वायरस के फैलने  का डर रहता है।  ये महीनों , सालो तक बिना पहचाने कंप्यूटर में पड़े रहैह सकते है और उन्हें क्षति पहुँचा सकते है। इनकी रोकथाम के लिए electronic सुरक्षा व्यवस्था विकसित की गयी है।  यह virus कई प्रकार के होते है और इनके फैलने के तरीके भी एक दूसरे से भी भिन्न होते है।  आज के समय computer virus तेजी से फ़ैल रहे है जिनकी वजह से बहुत बहुत नुसकान भी उठाना पड़ता है।  computer virus को और कोई नहीं हमारे जैसे users ही दूसरे computer को क्षति पहुंचाने के लिए बनाते है computer  बहुत सारे software से चलता है बिना किसी प्रोग्राम से कंप्यूटर काम नहीं कर सकता।  software प्रोग्राम  computer को सही तरीके से काम करने के लिए बनाया जाता है और कुछ program computer के काम को  बिगाड़ने के लिए भी बनाये जाते है जैसे की virus -


computer virus का इतिहास  ?

robert thomas जो एक engineer थे जिन्होंने bbn technologies  में काम करते समय इसको सबसे पहला computer  virus को  सन 1971  बनाया था।  इस virus का नाम creeper virus रखा गया था।  और यह एक experimental प्रोग्राम था।  जिसे की थॉमस ने खुद तैयार किया था , जो एक अर्पानेट के mainframse को infect बनाया गया था।  जब यह वायरस computer पर होता था। तो यह अन्य message के साथ में screen पर  I  am a creeper , catch  me if you can   दिखता था। इसके बाद जिस original wild computer virus को सबसे पहले ट्रैक किया गया था।  वह पूरे computer की history में वो था।  elk cloner ने पहले एप्पल operating systems को सबसे पहले infect किया था। वो भी floppy disks के माध्यम से इस virus को  devlop किया  था rechard skrenta ने सन 1882 में किया था। 


computer virus क्या - क्या कर सकते है। 

virus computer system की सामान्य कार्यक्षमता को बाधित करता है system network के upyog को infect karta  है system की कॉन्फ़िगरेशन setting को संशोधित करता है।  यह deta  को नष्ट कर देता है।  computer network  system को infect करता है।  यह  किसी भी  computer के डेटा को नष्ट कर देता है। कुछ virus computer आपके hard disk में store किये हुए data को पूरी तरीके से ख़त्म कर सकते है।  computer virus  Email  attachments के जरिये दूसरे computer को भी ख़राब कर देते है। वायरस आपके computer की speed को बहुत धीमा कर देता  है।  यह आपके files और कंप्यूटर में स्थित program को भी नष्ट कर देता है। 


computer malware


what is malware ? मालवेयर क्या है ? हिंदी में 


malware को हम malisious software के नाम से जानते है।  यह भी एक तरीके का software program ही है जो computer  को नुसकान पहुँचाता है।  malicious software का  मतलब ख़राब software होता है जो बिलकुल भी ठीक नहीं होता है अगर यह एकबार आपके system में आ गया तो ये आपके system को पूरी तरीके से बर्बाद कर सकता है। malware भी एक तरीके का कहा जाये तो virus का ही नाम है जो आपके system का सारा deta धीरे - धीरे ख़त्म करने लगता है।      मालवेयर हमारे computer में कैसे आते है - ?  मालवेयर हमारे system में के जगह से आ सकते है इसका मुख्य source internet है। 

जो हम internet पर रोज कुछ न कुछ जानकारी हासिल करते है।  अगर गलती से हम कही पर उसी जानकारी को हासिल करने के लिए किसी गलत site या melicious site पर चले गये , या फिर कही से pirated software , games और movies download कर लिया तो वह से हमारे कंप्यूटर में ऑनलाइन तरीके  malware inter कर लेता है। ठीक उसी प्रकार ऑफलाइन मालवेयर भी प्रवेश कर लेता है  - जब हम अपने computers में PENDRIVE  CD  , DVD का इस्तेमाल करते है  जो हम दूसरी जगह से pendrive और cds  को data लेने के लिए अपने computer से connect करते है तब malware इन सभी चीजों से हमारे computer में आ जाते है और हमारे कंप्यूटर के data  को नष्ट करने लगते है। 


malware  कितने प्रकार के होते है ? - how much typ of malware ? 

मालवेयर कई प्रकार पर होते है जैसे की -  

  • computer worms  
  •  adware  
  •  computer virus  
  •  ransomware  
  •  rootkits  
  •  backdoor  
  • trojan horse  
  • spyware  

 trojan horse 

एक प्रकार का  नॉन - self replicating  मालवेयर है यह virus victom के computer पर unauthorised access प्रदान करता है। यह खतरनाक virus माना जा  सकता है क्योंकि इससे victim के computer का access प्राप्त हो जाता है। 

virus ( वायरस ) 

virus मालवेयर सबसे पुराना और populer है इस वजह से हम और मालवेयर को ही virus कहते है।  लेकिन यह अलग प्रकार का  मालवेयर है लेकिन यह आपके computer के लिए सबसे बड़ा खतरा है virus एक साधारण software के रूप में ही आता है लेकिन जब यह हमारे computer पर आता है तो यह virus अपना आसली रंग दिखने लगता है।  यह virus हमारे computer की jaroori  file या operating system को क्रेश कर देता है।  जिस  कारण से हमारे computer ख़राब भी हो सकता है। 

worm ( वोर्म्स ) 

 यह virus काफी हद तक computer virus की तरह होता है।  लेकिन इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है की यह अपने आप  ही कई copy बना सकता है इसी कारण से यह virus फैलता  बहुत है।  और इसको फैलने के लिए  किसी के निर्देश की भी कोई जरूरत  नहीं होती है।  यह computer  में  अनेक तरीको से प्रवेश कर  सकता है। जैसे की  email  , internet soffring downloading  करते समय यह वायरस आपके computer में प्रवेश कर लेता है। 


ransomware ( रैनसमवेयर ) 

यह virus एक बार  computer में  आने  के बाद उसका सारा data एन्क्रिप्ट कर  दिया जाता है।  यानि इसे unlock या डिक्रिप्ट करने के लिए हमसे पैसे मांगे जाते है।  ठीक उसी तरह जैसे किसी व्यकित को किडनैप करने के बाद उसे छुड़ाने के बदले फिरौती मांगते है। 

spyware ( स्पाईवेयर ) 

यह virus आपके काम का होता है।  यह आपके computer पर की गयी एक्टिविटीज और data  पर नजर रखता है।  लेकिन यह बहुत ही मासूम होता है।  यह किसी भी software के साथ मिलकर इंस्टॉल हो सकते है।  और यह बहुत ही छोटा होता है।  यह वायरस  आपके कंप्यूटर  या  किसी व्यकित को टारगेट करने के लिए किया जाता है।  यह आपके data को  सुरक्षित रखता है। 


adware (  एडवेयर ) 

यह virusएक खास मकसद से बनाया गया है।  यह  आपके computer  के data को हानि पहुंचाने का कार्य करता है।  जब यह virus आपके computer पर आता है।  तो यह आपने आप ही home screen पर विज्ञापित ( advertise )   दिखते लगता है। 


मालवेयर से बचने के उपाय -

  1.  जब आप गाने या picture आदि की downloading केवल विश्वासीनीय website से ही करे इसके लिए आपको कुछ पैसे देने पड़े तो इसमें आपका ही फायदा होगा। 
  2. अपने system  में antivirus को समय - समय पर update करते रहे।  जिससे आपको पता चल जायगा की antivirus  ठीक तरह से काम कर रही है।  या नहीं। 
  3. आप अपने महत्वपूर्ण data पर password लगाए।  जिसके  आपके data को कोई चुरा न सके या hack करना आसान न  हो।  और यह ध्यान रखे जब आप password लगाए  , तो  जो word या शब्द डालते है तो उसे अच्छे से याद रखे , और दोनों का use अच्छे तरीके से करे। 
  4. जब आप  ने pc में फायरवॉल इंस्टाल करे यह आपके  computer और internet के बीच सुरक्षा दीवार की तरह काम  करता है।  और इसे हमेशा on रखे। 
  5. अगर कोई आपके computer पर कोई नजर रख रहा है  या आपके computer पर कुछ जरूरी data रखा जाता है  तो किसी अनजान द्वारा भेजे गए email को न खोले। 
  6. जब आप कोई  भी software dwonload करते है तो जानी मानी website से ही करे। 
  7. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की dwonload करने से पहले  अच्छे से check कर ले की website original है या कोई फैक website है  या website populer नहीं है। 
  8. अपने computer में अच्छा antivirus install कराएं। 
  9. मालवेयर से बचने के लिए सुरक्षित या अच्छे ब्राउजिंग जैसे googel , chrom brouser का उपयोग करना चाहिए।  

 

computer virus



कुछ मुख्य  computer  वायरस है जैसे -

  1. माईकेएनजलो  
  2. Web Scripting Virus
  3. Browser Hijacker
  4. Boot Sector Virus
  5. Direct Action Virus
  6. File Infector Virus
  7. Network Virus
  8. Direct action virus 
  9. Resident virus 
  10. . Multipartite virus 
  11. Polymorphic virus 
  12. Encrypted virus 
  13. Macro virus 
  14. I  love you computer virus
  15. Melissa virus

नोट - ( a ) माइकएंजलो वायरस सर्वप्रथमं 6  मार्च 1993 को देखा गया जिस दिन को पाया गया उस दिन इटली के प्रसिद्ध चित्रकार माइकएंजलो की पुण्य तिथि थी।  अतः उसी दिन से इस वायरस का नाम माइकएंजलो वायरस रखा गया।  

( b )  भारत में बेंगलुरु की एक कंपनी वायरस विरोधी प्रोग्रामो में विशेष दक्षता रखती है। 


  1 . माइक एंजलो  वायरस  

  माइकएंजलो वायरस पहली बार  6  मार्च 1993 को ऑस्ट्रेलिआ में खोजा गया था । वायरस को DOS सिस्टम को संक्रमित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन ऑपरेटिंग सिस्टम को शामिल नहीं किया गया था या कोई ओएस कॉल नहीं करता था। माइकल एंजेलो, सभी बूट सेक्टर वायरस की तरह, BIOS स्तर पर संचालित होते हैं।


 2 . Web Scripting Virus


Web Scripting Virus, सबसे अधिक प्रचलित है। यह इंटरनेट पर मौजूद किसी वेबसाइट के लिंक, विज्ञापन, इमेज,और वीडियो के साथ सलंग्न रहते है, और यूजर के इन पर क्लिक करने से Malicious Code आपके कंप्यूटर या मोबाइल में पहुँच जाता है; इसके अलावा यह आपको किसी वेबसाइट पर भी भेज सकता है। इस प्रकार के Computer Virus उन वेबसाइटों पर पाये जाते है, जिनका उपयोग सोशल नेटवर्किंग उद्देश्यों के लिए किया जा रहा हो।


3 . Browser Hijacker


यह Computer Virus यूजर की आज्ञा के बिना ही ब्राउज़र की सेटिंग में हेरफेर कर देता है, जिसके बाद आप विभिन्न वेबसाइटों पर पहुँच सकते है। उदाहरण के लिए जब आप ब्राउज़र के एड्रेस बार में कोई URL टाइप करते है, तो Browser Hijacker आपको उस वेबसाइट में ले जाने के बजाय दूसरी इन्फेक्टेड वेबसाइट पर पहुँचा देता है। आमतौर पर इस प्रकार की रणनीति विज्ञापन दिखाकर उससे आय बढ़ाने के लिए की जाती है। इस तरह के Computer Virus से संक्रमित होने पर आपका ब्राउज़र थोड़े-थोड़े समय के बाद आपको विज्ञापन दिखाता रहेगा।


4 . Boot Sector Virus


समान्यतः एक संक्रमित डिस्क से कंप्यूटर बूट करने पर यह फैलता है। इस श्रेणी के Computer Virus खासकर फ्लॉपी डिस्क के बूट सेक्टर या हार्ड डिस्क के मास्टर बूट रिकॉर्ड (MBR) को संक्रमित करता है। यह Virus अगर लोड होने के बाद कंप्यूटर में एक्सेस होता है, तो यह अन्य स्टोरेज डिस्क को भी संक्रमित करेगा। हालांकि आज यह Computer Virus अप्रचलित हो चूका है, परन्तु फिर भी यह दूसरे तरीको से सिस्टम तक पहुचने की कोशिश करता है।


5 .  Direct Action Virus


इस प्रकार के Computer Virus कुछ विशेष फाइलों पर ही हमला करते है। आमतौर पर .com और .exe एक्सटेंशन वाली फाइलें इससे संक्रमित होती है। यह Computer Virus तब तक एक्शन में नही आता जब तक इसकी फाइल पर क्लिक करके उसे ओपन नहीं किया जाता। इस वायरस का काम अपने प्रोग्राम को दोहराना और अन्य फाइलों को संक्रमित करना होता है। हालांकि यह Virus उतना खतरनाक नही है, इसे Computer Antivirus की मदद से हटाया जा सकता है।


6 . File Infector Virus


मौजूदा Computer Viruses का एक बड़ा हिस्सा इसी श्रेणी का है। यह एक कंप्यूटर में स्टोर फाइल को आसानी से संक्रमित कर सकता है। जब आपके द्वारा इससे संक्रमित फाइल या प्रोग्राम को चलाया जाता है, तो File Infector Virus सक्रिय हो जाता है। यह आपके सिस्टम को धीमा करने के अलावा अन्य हानिकारक प्रभाव पैदा कर सकता है। इस प्रकार के Computer Virus आपके कंप्यूटर में मौजूद महत्वपूर्ण फाइलों और सॉफ्टवेयर प्रोग्राम के लिए खतरनाक है। ये वायरस संक्रमित कोड को दोहराकर उसे अन्य सॉफ्टवेयर प्रोग्राम पर लागू कर सकता है। सभी फाइलें इस Computer Virus का शिकार हो सकती है।


7 .  Network Virus


Network Virus, मुख्य रूप से इंटरनेट या स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क (LAN) के माध्यम से फैलता है। इस प्रकार के Virus एक नेटवर्क की परफॉरमेंस को खराब करने की क्षमता रखते है। इसके प्रभाव के कारण नेटवर्क कनेक्शन पूरी तरह से बंद हो जाते है। एक बार Network Virus का संक्रमण फैलने पर सिस्टम का किसी नेटवर्क से कनेक्शन स्थापित करना मुश्किल हो जाता है। ये Virus जिन नेटवर्क प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कंप्यूटर को  संक्रमित करने व अन्य कंप्यूटरों में फैलने के लिए करते है, उन्हें Worms कहा जाता है।


 8 . Direct action virus 

इन्हे non resident virus भी कहा जाता है , एक बार ये install हो जाने पर ये computer memory में hidden  होकर रहता है , ये उन specific type के files के साथ attach होकर रहता है जिन्हे की ये infect करता है user experience  और system , s  performance को infect नहीँ करते हैं ,


 9 . Resident virus . 

direct action viruses , के तरह ही resident viruses भी computer में install हो जाते है इसके अलावा इन्हे identify करना  भी मुश्किल काम होता है यह  खुद को ram memory में store करता है।  कंप्यूटर में मौजूद अन्य file और software को संक्रमित करता है।  यह computer को कई तरीके से एक system को नुसकान कर सकता है। 


 10 . Multipartite virus 

इस प्रकार के viruses multiple ways  से system को affect कर सकते है।  ये दोनों boot sector और executable files के साथ infect करते है। maltipartite virus  को सबसे तेजी से फैलने वाले वायरस माना जाता है। इसी कारन यह दूसरे virus की तुलना में अधिक नुसकान फैलता है।  यह बूट sector और निष्पादन योग्य files पर हमला करने के लिए file infector या बूट infector का इस्तेमाल करता है। 


 11 . Polymorphic virus 

इस प्रकार virus का प्रयोग ज्यादातर cybercriminals किया है।  ये कुछ इस प्रकार से है जो हर बार system को अलग - अलग तरीके से infect करते है जो डाटा या infromation  को hack करने में करते है जो  बिना पहचाने broot  force प्रोग्राम  का   उपयोग करके डाटा scan  कर लेते है जिससे कोई भी crime आसानी से कर लेते है। और पकड़ में भी नहीं आते है। 



 12 . Encrypted virus 

यह एक ऐसा computer virus है , जिसका पता लगाना एक antivirus के लिए भी काफी मुश्किल होता है। क्योकि यह virus एन्क्रिप्टेड malicious code का उपयोग करते है , इसी कारण इन्हे पकड़ना मुश्किल है।  अपने code को दोहराने के दौरान यह virus एन्क्रिप्टेड code का इस्तेमाल नहीं करते है , उस समय यह खुद को discript करते है , तब इन्हे पकड़ना आसान होता है।  हालाकिं computer में मौजूद files और folder को इनसे कोई नुसकान नहीं होता है , लेकिन  यह pc perfomance को बुरी तरह प्रभावित करते है। 


13 . Macro virus 

macro virus , उन software प्रोगाम को infect करते है , जिनमे macros होते है।  यह एक स्वचालित input अनुक्रम है जो केस्ट्राक या माउस की क्रियाओ का  अनुकरण करता है  आमतौर पर keyboard और mouse की दोहराव श्रंखला को बदलने के लिए इनका प्रयोग किया जाता है।  यह वर्ड  प्रोसेसिंग और स्प्रैडशीट जैसे ऐप्लिकेशन में ज्यादातर आता है।

अगर यह computer  virus किसी software को infect कर दे तो जब भी आप उस  software को खोलेंगे यह स्वचालित रूप  से अपनी क्रियाओ को चालू कर देगा। क्योकिं यह computer virus software के द्वारा ही फैलता है।  इसीलिए यह किसी भी operating system ( OS ) को संक्रमित कर सकता है 


  14   . I  love you computer virus

 i love you नाम का virus सं 2000 में आया था।  यह पहले आपको एक अनजान email भेजता है जिसमे  i love you लिखा होता है। और नीचे एक लव लेटर लिखा होता है।  जैसे ही आप उस email को खोलते है तो यह virus  दिमाग की तरह पुरे system में फ़ैल जाता है और infect करने लगता है।  यह कुछ ही समय  में आपके computer का सारा  data delete system को   क्रैश कर देता है।  आपकी जानकारी के लिए बता दूँ। की यह वायरस सन 2000 में यह virus लगभग सारी दुनिया में फ़ैल गया था। क्योकिं जैसे ही हम  email  को open करते  है तो यह हमारे system को क्रैश करने से पहले हमारे contacts के सभी emails में यह अपने आप ही ही forword हो जाता था।  इसलिए यह बहुत तेजी से दुनिया भर में फ़ैल गया था।  इस virus की वजह से लगभग 10,000 करोड़ रूपए का नुसकान हुआ था।  

 

15  .  Melissa virus


यह  virus 26 मार्च 1999 को डेविडएल  स्मिथ ने louch किया था।  FBI ने बाद में स्मिथ को पकड़ लिया था। इस virus के लिए स्मिथ को 20 महीने की कस्टडी में रखा गया और 5000 डॉलर्स का फाइन ठोका था।  melissa virus से 80  मिलियन का नुसकान हुआ था। 
ये virus email के माध्यम से फैलता था।  users के पास एक email पहुँचता था जिसमे एक word file अटैच  होती थी। users से उस अटैचमेंट file को खोलने का आग्रह किया जाता था।  उस अटैच मेन्ट को खोलने के बाद virus users के adress बुक  में से 50 अलग  - अलग लोगो को उस users के name से भेजता था।  जिस - जिस ने वो अटैचमेंट को open किया था।  इसका परिणाम ये हुआ की email traffic अचानक काफी बढ़ गया।  जिसके  कारण कुछ email प्रोग्राम कम्पनियो को अपनी सर्विस तब तक बंद करनी पड़ी जब तक वह virus पकड़ा नहीं गया।  
इस वायरस को god father of computer virus भी कहा जाता है। 


computer warning


आपने computer को virus से कैसे बचाये ?

 वायरस को अगर हम computer का दुश्मन कहे तो ज्यादा अच्छा रहेगा।  इससे और इससे बचाना कंप्यूटर को बहुत जरूरी है।  इसके बचाने के तरीके कई है आइये देखते है कौन - कौन से है  

  1. operating system को update रखे।  जो लोग ज्यादा गलती करते है यह  है की वे सब अपने  system को update  नहीं रखते है जो आप  ( विंडो  लिनक्स, मैक , उबंटू ) क्योकि जैसे ही कोइ नया virus  आता  है तो इन companiyo को सबसे पहले पता च ल  जाता है और यह इनको नया update दे देती है।  इस बात का आप हमेशा ध्यान दे। 
  2. अज्ञात  mail को खोलना - hackers किसी भी system को hack करने के लिए नए- नए तरीके निकालते रहते है। तो ये लोग किसी भी तरीके आपके पास email  भेजेंगे , वह ( facebook  , instagram ) और भी बहुत तरीके से  होते है। आपके email adress को ढूढने के लिए आपको कई तरीके के offer दिखायेंगे।  या फिर कोई लिंक  जो एक trusted website की तरह का होगा। लेकिन आपको website के जरिये आपकी infromation आपसे मांग कर आपके deta को एक्सेस कर  सकते है ,तो इससे बचने का उपाय यह है की , आपने आपने email पर security  डाले और उसको हो सके तो अपने तक ही सीमित रखे।  वैसे भी google भी इतना शातिर हो गया है की आपको ऐसे ईमेल भेजता रहता है।  जो किसी unknown adress को dispoint कर देते है।  
  3. एक अच्छा सा  antivirus खरीदे।  क्योकि antivirus company खुद ही creat और virus बनाती है जो आपके डेटा को secure करे , और उसका न्य अपडेट आपको देता रहे।  
  4. oparating सिस्टम को ज्यादा से ज्यादा पैच करे। 
  5. क्लाइंट software को अपने कंप्यूटर में पैच करे। 
  6. फायरवॉल का उपयोग करे। 
  7. यदि कोई भी unknow  email  आपके पास आता है जिसके विषय में आपको जानकारी नहीं है तो आप उसे open न करे।  
  8. unauthorized websites से कुछ भी download न करे जैसे की - mp 3 , movies software आदि। 
  9. सभी dwonloaded चीजों को अच्छे से scan करवाएं।  क्योकिं इनमे virus होने की ज्यादा संभावनाएं होती है ,
  10. offline  चीजों को जैसे - pendrive , disk , memory  आदि को scan करने के बाद ही use करे। 
  11. अगर आप किसी भी website पर जाते हो तो आप एक चीज का ध्यान रखे की वो एक populer और registered website हो और ऐसी किसी भी link  पर click न करे जिससे बाद में आपको परेशानी का सामना करना पड़े। 

 

किन - किन चीजों का ध्यान रखे।

  1.  किसी भी email  attachment को न खोले जिसे आप सेन्डर विषय में जानकारी न हो। 
  2. किसी भी unsolicited executable files , documents , spreadsheets , को बिना scan किये खोलने की कोशिश न  करे। 
  3. untrusted websites से documents या executable software download न करे 
  4. जो ads आपको लालच देते हो की यहाँ पर click करो और lottery जीतो तो ऐसे ads पर कभी भी click मत करो।  ऐसे ही लालच email के जरिये भी आते है। तो आप उन emails को भी मत open करिये।  क्योकि उसमे भी malware होने के ज्यादा chances रहता है। 


एंटीवायरस क्या है ? what is antivirus ? 


antivurs एक प्रकार का software होता है।  इसका मुख्य कार्य computer में virus ( worms ) और अन्य malware  का पता लगाना होता है। फिर उसे रोकना या हटाने का काम यह करता है।  antivirus  और antimalware के नाम से यह जाना जाता है। 
 antivirus को इस लिए बनाया गया ताकि वो computer में छिपे viruses का पता लगाया जा सके। और उन्हें ख़त्म करके computer के data को भी secure करता रहे। जैसा की आप सभी जानते है की आज के समय में internet पर भी online काम हो रहा है। जैसे - बैंकिंग कार्यो में users के deta को गोपनीय रखा जाता है।  यदि system में antivirus का प्रयोग न किया जाये तो hackers आसानी से डाटा चुरा सकते है और उसका गलत इस्तमाल कर सकते है। 
 

How antivirus works : एंटीवायरस कैसे कार्य करता है

जब भी हम किसी फाइल या सॉफ्टवेर को सिस्टम में install करते है तो सबसे पहले antivirus उस फाइल सॉफ्टवेर को स्कैन करता है और उसे उस फाइल या सॉफ्टवेर जरा भी कुछ गलत दीखता है तो उसे वो virus घोषित कर देता है जब आपके फाइल या सॉफ्टवेर में कुछ duplicate होती है तो antivirus इसे virus समझता है जब antivirus किसी virus को पहचान लेता है तो वो हमे सावधान करता है इस तरह से हमारे system बिलकुल safe रहती है

Why antivirus is necessary : एंटीवायरस क्यों आवश्यक है


दोस्तों आप सोचते होंगे की हम तो intertnet use नही करते तो हमें क्यू antivirus की जरूरत है लेकिन अगर आप ऐसा सोचते है तो बिलकुल गलत सोचते है वो इसलिए की आप internet नही चालते लेकिन पेन ड्राइव या डीवीडी को अपने कंप्यूटर में इन्सर्ट (insert) करते हैं तो यदि वह पेनड्राइव या डीवीडी वायरस से इनफेक्टेड है तो उसमें मौजूद वायरस आपके system में आ जायेंगे इसलिए आपको antivirus को system में रखना ही है चाहे आप internet use करे या ना करे .


Difference between free and paid antivirus : फ्री और पेड एंटीवायरस में अंतर


antivirus के free और paid में यह अंतर है की free में आपको ज्यादा फ्यूचर नही मिलते और paid में आपको कुछ एडवांस फीचर मिलते हैं जोकि आपकी कंप्यूटर की सुरक्षा को और अधिक बढ़ा देते हैं। वैसे भी आप खुद सोच सकते है की free में कोई कितना सुविधा देगा लेकिन आप paid लेंगे तो आपको वो पूरी तरह से सुविधा देगा . 


Best antivirus for system : system के लिए सबसे अच्छा एंटीवायरस


वैसे तो आपको मार्केट में बहुत सारे एंटीवायरस मिल जाएंगे लेकिन हम आपको कुछ ऐसे हैं कि बस के बारे में बताएंगे जोकि बेहतर सुरक्षा प्रदान करते है। 


Best antivirus for system : system के लिए सबसे - अच्छा एंटीवायरस

वैसे तो आपको मार्केट में बहुत सारे एंटीवायरस मिल जाएंगे लेकिन हम आपको कुछ ऐसे हैं कि बस के बारे में बताएंगे जोकि बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं।




1 .  Quickheal Antivirus

2 . Symantec Norton Antivirus

3 . Bitdefender Antivirus Plus

4 . Trend Micro Antivirus

5 . F-Secure Antivirus SAFE

6 . Avast Antivirus

7 . McAfee Antivirus Plus

8 . Kaspersky Antivirus










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